देश में भारत विरोधी प्रदर्शन के खिलाफ सख्त कानून क्यों बना रहा है मालदीव?

मालदीव सरकार का मानना है कि भारत के प्रति निराधार जानकारी को लेकर लोगों के बीच नफरत फैलाया जा रहा है। उन्हें गुमराह किया जा रहा है। ऐसे में भारत को लेकर घृणा फैलाने और झूठे आरोप लगाने से भरोसेमंद सहयोगी देशों से संबंध खराब होते हैं।

देश में भारत विरोधी प्रदर्शन के खिलाफ सख्त कानून क्यों बना रहा है मालदीव?

भारत और मालदीव के बीच बेहतर संबंध रहे हैं। लेकिन हाल के वर्षों में चीन की बढ़ती गतिविधियों के कारण मजबूत संबंधों में दरार डालने के लिए हर हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। हालांकि दोनों देशों की सरकार के बीच रिश्ते अच्छे हैं। लेकिन चीनी समर्थक मालदीव के विपक्षी नेता और पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन वहां भारत विरोधी भावना को हवा देने में जुटे हैं। लोगों को भारत के खिलाफ भड़का रहे हैं। ऐसे में मालदीव में भारत विरोधी प्रदर्शन को रोकने के लिए वहां की सरकार नए कानून लाने पर विचार कर रही है। बताया गया है कि कानून का मसौदा तैयार किया जा चुका है। और इसे जल्द मंजूरी दी जा सकती है।

मालदीव की मुख्य सत्तारूढ़ मालदीव्ज डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) ऐसे प्रदर्शनों को अपराध बनाने के लिए विधेयक ला रही है, जिनसे दूसरे देशों के साथ मालदीव के संबंध खराब होने का भय हो। एमडीपी के सदस्यों को इस विधेयक का मसौदा वितरित किया गया है। कहा जा रहा है कि राष्ट्रपति इब्राहिम सोलिह की सरकार के भारत के साथ मजबूत और करीबी रिश्तों को देखते हुए यह कानून बनाया जा रहा है। इसमें भारत समेत किसी भी मित्र देश के खिलाफ प्रदर्शन को अपराध मानने का प्रावधान किया गया है।