4000 अमेरिकियों को ठगने के आरोप में भारतीय नागरिक को मिली 22 साल की सजा

यह पीड़ितों से कॉल पर कभी एफबीआई या ड्रग एन्फोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन यानी डीईए के कानून प्रवर्तन अधिकारी बनकर बात करते थे। पीड़ित को मजबूर और लाचार महसूस करने के बाद वह उनसे नकदी या आनलाइन मनी ट्रांसफर की मांग करते थे।

4000 अमेरिकियों को ठगने के आरोप में भारतीय नागरिक को मिली 22 साल की सजा
Photo by Sergey Zolkin / Unsplash

अमेरिका में रोबोकॉल स्कैम में भारतीय मूल के एक शख्स को 22 साल की सजा सुनाई गई है। घोटाले में 4000 से अधिक अमेरिकियों को निशाना बनाया गया था और कुल मिलाकर 10 मिलियन डॉलर यानी लगभग 75 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान पीड़ितों को उठाना पड़ा।

Anonymous computer hacker in hoodie. Using laptop computer for cyber attack and calling on cellphone.
40 वर्षीय शहजादखान पठान ने अहमदाबाद में एक कॉल सेंटर संचालित किया, जहां से उसने अमेरिकियों के साथ रोबोटिक कॉल की मदद से धोखाधड़ी की। 

पूरा मामला यह है कि 40 वर्षीय शहजादखान पठान ने अहमदाबाद में एक कॉल सेंटर संचालित किया, जहां से उसने अमेरिकियों के साथ रोबोटिक कॉल की मदद से धोखाधड़ी की। अमेरिका के जस्टिस ​विभाग ने कहा कि इन आटोमेटिक कॉल के माध्यम से पीड़ितों के साथ संपर्क स्थापित करने के बाद पठान और उसके कॉल सेंटर कर्मियों ने नकद राशि और आनलाइन मनी ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया।