अमेजन फ्रॉड: दो अमेरिकी ने माना अपराध, 1 भारतीय पहले ही पा चुका सजा

कैलिफोर्निया में नॉर्थरिज के रहने वाले भारतीय मूल के रोहित कादिमिशेट्टी (28) को 10 महीने कारावास और 50 हजार डॉलर जुर्माना की सजा सुनाई गई थी। बीते सोमवार को इस मामले में जोसेफ नीलसेन (32) और क्रिस्टेन लेकेस (33) ने सिएटल में जिला अदालत के सामने विभिन्न संघीय आरोपों में दोष स्वीकार कर लिया।

अमेजन फ्रॉड: दो अमेरिकी ने माना अपराध, 1 भारतीय पहले ही पा चुका सजा
Photo by Jefferson Santos / Unsplash

ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन के मार्केटप्लेस प्लेटफॉर्म में छेड़छाड़ करने के लिए एक लाखों डॉलर की धोखाधड़ी के षडयंत्र में दो अमेरिकी नागरिकों ने अपना दोष स्वीकार कर लिया है। इनमें से एक अमेजन का ही पूर्व कर्मचारी है और भारतीय मूल का है। इसे फरवरी में 10 महीने की सजा सुनाई गई थी।

कैलिफोर्निया में नॉर्थरिज के रहने वाले भारतीय मूल के रोहित कादिमिशेट्टी (28) को 10 महीने कारावास और 50 हजार डॉलर जुर्माना की सजा सुनाई गई थी। बीते सोमवार को इस मामले में जोसेफ नीलसेन (32) और क्रिस्टेन लेकेस (33) ने सिएटल में जिला अदालत के सामने विभिन्न संघीय आरोपों में दोष स्वीकार कर लिया।

न्याय विभाग ने बताया कि इस मामले में छह आरोपियों में से तीन अपना दोष स्वीकार कर चुके हैं।

यूएस अटॉर्नी निक ब्राउन के अनुसार नीलसेन ने वायर फ्रॉड करने की साजिश रचने, ट्रैवल एक्ट का उल्लंघन करने की साजिश रचने और गलत टैक्स रिटर्न भरने का दोष स्वीकार किया। वहीं क्रिस्टेन ने ट्रैवल एक्ट का उल्लंघन करने की साजिश में शामिल होने का आरोप स्वीकार कर लिया।

न्याय विभाग ने बताया कि इस मामले में छह आरोपियों में से तीन अपना दोष स्वीकार कर चुके हैं। समझौता याचिका के अनुसार नीलसेन, क्रिस्टेन और उनके साथियों ने अमेजन के कर्मचारियों और कॉन्ट्रैक्टर्स को रिश्वत देने की साजिश रची। इसके बदले में वह अमेजन नेटवर्क्स और खुफिया सूचना तक पहुंच पाना और उसका दुरुपयोग करना चाहते थे।

रोहित, नीलसेन और क्रिस्टेन के अलावा इस मामले में ब्रुकलिन का रहने वाला एफ्रायम रोजनबर्ग, जॉर्जिया का रहने वाला हदीस नुहानोविक और भारतीय मूल का निषाद कुंजु है। निषाद कुंजु भारत के हैदराबाद का रहने वाला है। इन तीनों ने अभी अपना दोष स्वीकार नहीं किया है। इस मामले की जांच एफबीआई कर रही है।