यूके और भारत व्यापार संबंधों को बढ़ाने के लिए इस भारतीय को महारानी ने किया सम्मानित

अजय पिरामल ने 2019 में लंदन में संयुक्त आर्थिक और व्यापार समिति (JETCO) की बैठक, 2018 में राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्षों की बैठक और 2016 में यूके के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा में अपना योगदान दिया है।

यूके और भारत व्यापार संबंधों को बढ़ाने के लिए इस भारतीय को महारानी ने किया सम्मानित

भारत और यूके के बीच व्यापार संबंधों में अपनी सेवाओं को लेकर पिरामल समूह के अध्यक्ष और यूके-इंडिया सीईओ फोरम के भारतीय सह-अध्यक्ष के रूप में अजय पिरामल को महारानी एलिजाबेथ द्वि​तीय द्वारा कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर (CBE) पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

पिरामल ने यूके के जीवन विज्ञान पारिस्थितिकी तंत्र में अपने निवेश और दोनों देशों के बीच 'लिविंग ब्रिज' के तौर अपना दोनों देशों के बीच संबंधों को बढ़ाने का काम किया है। पुरस्कार हासिल करने के बाद पिरामल ने अथॉरिटीज को धन्यवाद दिया वहीं भारत में यूके उच्चायोग ने भी पिरामल को ट्विटर के जरिए बधाई दी। बधाई में यूके उच्चायोग ने बधाई दी और उनकी सेवाओं को 'व्यापार संबंधों को मजबूत करने में असाधारण प्रयास का प्रमाण' बताया।

पिरामल ने कहा कि कि साल 2016 से भारत-यूके सीईओ फोरम के सह-अध्यक्ष के रूप में मेरी ओर से अधिक से अधिक आर्थिक सहयोग के माध्यम से दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में मदद करने का प्रयास किया गया है।

दूसरी ओर दक्षिण एशिया के लिए ब्रिटेन के व्यापार आयुक्त और पश्चिमी भारत के लिए ब्रिटिश उप उच्चायुक्त एलन जेमेल ने पिरामल को बधाई दी और कहा कि मैंने इस साल की शुरुआत में एडिनबर्ग के पास पिरामल फार्मा सॉल्यूशंस की विश्व अग्रणी एंटीबॉडी ड्रग कॉन्जुगेट (एडीसी) निर्माण सुविधा का दौरा किया ताकि सुविधा का विस्तार करने और लगभग 50 नई अत्यधिक कुशल नौकरियां पैदा करने के लिए उनके निवेश को देखा जा सके। इतने वर्षों में अजय के विशाल योगदान को इस तरह से चिह्नित करते हुए देखना सम्मान की बात है।

बता दें कि अजय पिरामल ने 2019 में लंदन में संयुक्त आर्थिक और व्यापार समिति (JETCO) की बैठक, 2018 में राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्षों की बैठक और 2016 में यूके के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा में अपना योगदान दिया है। पिरामल ने श्रम गतिशीलता पर नीति को आकार देने, यूके में भारतीय निवेश के लिए एक फास्ट-ट्रैक तंत्र स्थापित करने और भारत में कॉर्पोरेट टैक्स पर भी मदद की है। जानकारी के लिए बता दें कि CBE उन व्यक्तियों को दिया जाता है जो राष्ट्रीय स्तर पर यूके और भारत के बीच संबंधों को बेहतर बनाने में प्रमुख भूमिका निभाते हैं।