9 महीने की जद्दोजहद के बाद मिला वीजा, वो भी महज तीन दिनों के लिए

अपने गुस्से का इजहार करती हुई लक्ष्मी ने बताया कि मुझे एक हफ्ते पहले एच-4 वीजा की मंजूरी मिल जाती अगर मैं मैक्सिको-अमेरिका सीमा पर जाने की कोशिश करती। सीमा पार करने के बाद वापस अमेरिका आने पर कम से कम साल 2024 तक रहने का अधिकार मिल जाता। तब मैं अपने आप ही एच-4 वीजा के तहत 180 दिनों तक रह सकती थी।

9 महीने की जद्दोजहद के बाद मिला वीजा, वो भी महज तीन दिनों के लिए

अमेरिका में वीजा के लिए भारतीयों को किस प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़ता है इससे जुड़ी कहानियां सामने आती रहती हैं। अमेरिका के मिशिगन में दो दशकों से रह रही लक्ष्मी को कुछ ऐसी ही समस्याओं से दो चार होना पड़ा है। उन्होंने एच-4 वीजा के लिए 9 महीने तक बहुत मेहनत और मिन्नतें की। हजारों डॉलर गंवाए। आखिर जब वीजा मिला तो यह महज तीन दिनों के लिए ही वैध था।

एच-1बी वीजा गैर-आव्रजन वीजा है। यह अमेरिकी कंपनियों को विदेशी कर्मचारियों को रोजगार देने की इजाजत देता है। एच-4 वीजा एच-1बी वीजा धारकों के निकटतम परिजनों (जीवनसाथी और 21 साल से कम उम्र के बच्चे) को जारी किया जाता है। लक्ष्मी को एच-4 वीजा हासिल करने में 9 महीने के लंबे वक्त का इंतजार करना पड़ा। इस दौरान उन्हें अपनी नौकरी गंवानी पड़ी। उन्होंने स्थानीय राजनेताओं, सिनेटर को पत्र लिखा ताकि अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (USCIS) उनके आवेदन पर जल्द फैसला लें। वकीलों पर उन्होंने हजारों डॉलर खर्च किए। और जब उनका एच-4 वीजा के लिए आवेदन मंजूर हो गया तो यह उनके लिए किसी काम का नहीं रहा, क्योंकि वह महज तीन दिनों के लिए ही वैध था। लक्ष्मी ने बताया कि ऐसी परिस्थिति में मैंने एच-4 वीजा के खत्म होने से पहले फिर से आवेदन किया, इसके बाद मुझे कानूनी तौर पर रहने की अनुमति मिली।