राहत: भारतीय मूल के डॉक्टर बोथरा व तीन अन्य चिकित्सक आरोप मुक्त

इन चिकित्सकों पर आरोप था कि उन्होंने वॉरेन-आधारित प्रिस्क्रिप्शन ड्रग मिल का संचालन किया। उन्हे 43 महीने तक हिरासत में रहना पड़ा जबकि अन्य प्रतिवादी व्यक्तिगत बांड पर आजाद थे। बोथरा को भारत सरकार की ओर से वर्ष 1999 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।

राहत: भारतीय मूल के डॉक्टर बोथरा व तीन अन्य चिकित्सक आरोप मुक्त

अमेरिका में भारतीय मूल के चिकित्सक राजेंद्र बोथरा को आरोपों से बरी कर दिया गया है। पद्मश्री राजेंद्र बोथरा के साथ ही तीन अन्य चिकित्सक भी आरोप-मुक्त हो गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इन चिकित्सकों पर आरोप था कि उन्होंने वॉरेन-आधारित प्रिस्क्रिप्शन ड्रग मिल का संचालन किया।

मैकॉम्ब डेली की खबर के अनुसार ब्लूमफील्ड हिल्स के बोथरा पर इस घपले का मास्टरमाइंड होने का आरोप था। लेकिन उनके साथ ही साउथफील्ड के गनु एडु, डेट्रॉइट के डेवी लुईस और बर्मिंघम के क्रिस्टोफर रूसो को जूरी ने दोषी नहीं पाया। गौरतलब है कि डेट्रोइट की अदालत में जज स्टीफन मरफी के समक्ष छह सप्ताह तक सुनवाई के बाद भारतीय चिकित्सक के पक्ष में फैसला दिया गया।

बोथरा को भारत सरकार की ओर से वर्ष 1999 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।

बोथरा के वकील आर्थर वेस ने कहा कि फैसले को लेकर वे उनके मुवक्किल आल्हादित हैं मगर एक मलाल इस इस बात का है कि सुनवाई के लिए उन्हे 43 महीने तक हिरासत में रहना पड़ा जबकि अन्य प्रतिवादी व्यक्तिगत बांड पर आजाद थे। वेस ने कहा कि हमे इस बात की भी खुशी है कि ज्यूरी ने साक्ष्यों के मद्देनजर एक उपयुक्त फैसला निहायत कम समय में दिया है मगर उन 43 महीनों की भरपाई कैसे होगी। इसके लिए वे कहां जाएं। आपको बता दें कि बोथरा को भारत सरकार की ओर से वर्ष 1999 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।

बोथरा को बुधवार को हिरासत से निजात मिली थी। हालांकि सुनवाई के इंतजार में भारतीय मूल के चिकित्सक ने अपनी आजादी के लिए लगातार कोशिशें कीं मगर इसकी अदालत ने इजाजत नहीं दी। अमेरिकी अटॉर्नी को इस बात की भी फिक्र रही कि बोथरा कहीं भाग न जाएं क्योंकि दशकों पहले अमेरिका आने के बाद वे अक्सर अपने मुल्क जाते रहे और अपनी इन यात्राओं की जानकारी को लेकर भी उन्होंने झूठ बोला।

बोथरा वॉरेन में एक पेन सेंटर चलाते थे। उसकी कई और जगहों पर भी शाखाएं थीं। एक ईस्टप्वाइंट में भी थी। वहां उन्होंने कई डॉक्टर नियुक्त किए हुए थे। बोथरा पर आरोप था कि उन्होंने नियंत्रित पदार्थों का वितरण किया और हेल्थ केयर संबंधी एक फर्जीवाड़े की साजिश रची। सभी चिकित्सकों में सबसे ज्यादा आरोप बोथरा पर ही थे। बोथरा पर आरोप था कि उन्होंने कई पेशेवरों के साथ मिलकर 2013 से 2018 तक कई आर्थिक फर्जीवाड़े किए।