युवाओं को आत्महत्या की प्रवृति से कैसे बचाएं, मंथन किया AAPI ने

मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों को आत्महत्या के प्रयास के प्रमुख कारण के रूप में जाना जाता है। आत्महत्या अक्सर असहनीय दर्द या गहरी निराशा के क्षण में होती है। लाखों अमेरिकी आत्महत्या पर विचार करते हैं, आत्महत्या की योजना बनाते हैं या हर साल आत्महत्या का प्रयास करते हैं।

युवाओं को आत्महत्या की प्रवृति से कैसे बचाएं, मंथन किया AAPI ने

अमेरिकी संगठन में अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजिशियन ऑफ इंडियन ओरिजिन (AAPI) ने नेशनल सुसाइड प्रीवेंशन वीक का आयोजन किया। इस आयोजन में माइंडएक्स साइसिंस ने प्रभावी सहयोग दिया। इस अवसर पर मानसिक स्वास्थय के लिए सटीक चिकित्सा: जीवन को कैसे बचाएं और सुधारें' नाम से एक वेबिनार किया गया।

एएपीआई के निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. रवि कोल्ली

इस वेबिनार में दर्जनों एएपीआई सदस्यों ने भाग लिया जिन्होंने आत्महत्या के कलंक को कम करने और मानसिक स्वास्थ्य सहायता की खोज को प्रोत्साहित करने के कदमों पर चर्चा की। एएपीआई के निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. रवि कोल्ली ने सत्र का संचालन किया जिसमें डॉ. जेरोम एडम्स, संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्व सर्जन जनरल, मिंडक्स साइंसेज के सह-संस्थापक डॉ.अलेक्जेंडर निकुलेस्कु, इंडियाना में मनोचिकित्सा और चिकित्सा तंत्रिका विज्ञान के प्रोफेसर भी मौजूद थे।

वेबिनार के दौरान एक प्रमाणित मनोचिकित्सक डॉ.कोल्ली ने कहा कि हर साल लगभग 8,00,000 लोग आत्महत्या के कारण मर जाते हैं, यानी हर 40 सेकंड में एक मौत होती है। मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों को आत्महत्या के प्रयास के प्रमुख कारण के रूप में जाना जाता है। आत्महत्या अक्सर असहनीय दर्द या गहरी निराशा के क्षण में होती है। लाखों अमेरिकी आत्महत्या पर विचार करते हैं, आत्महत्या की योजना बनाते हैं या हर साल आत्महत्या का प्रयास करते हैं।