आपदा में अवसर: फर्जी दस्तावेजों से ऋण पाने का षडयंत्र, दो साल की सजा

दो साल की जेल की सजा के अलावा, मोहन को 100,000 डॉलर की राशि और क्षतिपूर्ति में 17,86,357 डॉलर का जुर्माना भी भरने का आदेश दिया गया है।

आपदा में अवसर: फर्जी दस्तावेजों से ऋण पाने का षडयंत्र, दो साल की सजा
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कोरोना महामारी को देखते हुए आपदा में अवसर तलाश करने वाले 48 साल के मुकुंद मोहन को अमेरिका के वॉशिंगटन में दो साल की सजा सुनाई गई है। मुकुंद मोहन ने फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से कोविड-19 आपदा राहत ऋण को ​हासिल करने का षडयंत्र किया था।

मोहन ने ऋण आवेदनों के समर्थन में नकली और परिवर्तित दस्तावेज प्रस्तुत किए थे। Photo by Markus Winkler / Unsplash

मुकुंद मोहन पेशे से टेक एक्जीक्यूटिव हैं और क्लाइ​ड हिल में रहते हैं। उन्हें ऑनलाइन धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में दोषी ठहराया गया है। अदालत के दस्तावेजों के अनुसार, मोहन ने आठ झूठे आपदा ऋण आवेदनों के माध्यम से 5.5 मिलियन डॉलर यानी लगभग 40 करोड़ 65 लाख रुपये से अधिक की मांग की थी।