आदित्य ने जीता "अफ्रीका ज्योग्राफिक फोटोग्राफर ऑफ द ईयर" का खिताब

आदित्य का जन्म केरल के त्रिवेंद्रम में हुआ था। वह केन्या के मोम्बासा में अपने माता-पिता के साथ रहकर पले-बढ़े। इसी दौरान उनका रुझान फोटोग्राफी की तरफ बढ़ गया।

आदित्य ने जीता "अफ्रीका ज्योग्राफिक फोटोग्राफर ऑफ द ईयर" का खिताब
आदित्य नायर

आदित्य नायर को बेहतरीन फोटोग्राफी के लिए "अफ्रीका ज्योग्राफिक फोटोग्राफर ऑफ द ईयर" के खिताब से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह खिताब मासाई मारा नेशनल रिजर्व में चेहरे पर खून से लथपथ चीते की फोटो खींचने के लिए मिला है। यह फोटो' अफ्रीका के सार' को बयां करता है। इस फोटो ने दुनियाभर में काफी सुर्खियां बटोरी हैं।

वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर आदित्य नायर का दावा है कि उनकी यात्रा "हमारे ग्रह के वन्य जीवन के दस्तावेजीकरण के साथ शुरू हुई।" उनका जन्म भारतीय राज्य केरल के त्रिवेंद्रम में हुआ था। वह केन्या के मोम्बासा में अपने माता-पिता के साथ रहकर पले-बढ़े। उन्होंने बचपन में ज्यादातर समय अफ्रीकी सवाना (savanna) का अनुभव करने में बिताया। उन्होंने सिडनी विश्वविद्यालय से मार्केटिंग की पढ़ाई की है। ऑस्ट्रेलिया से लौटने पर वन्य जीवन फोटोग्राफी के लिए उनका जुनून काफी बढ़ गया। हालांकि कोविड -19 महामारी के कारण वह केन्या लौट आए।