फिजी में स्वर कोकिला लता जी को श्रद्धांजलि, युवाओं की 'म्यूजिकल नाइट'

फिजी में स्वर कोकिला लता मंगेशकर की याद में म्यूजिकल नाइट का आयोजन किया जाएगा जिसमें स्थानीय युवा उनके गानों पर प्रस्तुति देंगे। इसका आयोजन भारतीय उच्चायोग, सारेगामा इंवेट्स ग्रुप के साथ मिलकर कर रहा है।

फिजी में स्वर कोकिला लता जी को श्रद्धांजलि, युवाओं की 'म्यूजिकल नाइट'
दिवंगत गायिका लता मंगेशकर को याद कर रहा फिजी।

'मेरी आवाज ही पहचान है...गर याद रहे...' लता मंगेशकर ने जब इस गीत को अपनी आवाज दी थी तो वाकई में उन्होंने नहीं सोचा होगा कि उनके न होने पर यह आवाज उनकी पहचान बनकर पूरी दुनिया में छाई रहेगी। सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर ने 26 भाषाओं के गीत को अपनी आवाज दी थी और उनके पूरी दुनिया में करोड़ों प्रशंसक हैं।

लता मंगेशकर इस दुनिया में अब नहीं हैं यह मानने को उनके चाहने वाले तैयार नहीं, उनकी कोशिश है कि कुछ ऐसा किया जाए ताकि उनके आसपास होने का अहसास हमेशा बना रहे। इसी प्रयास के तहत फिजी में स्वर कोकिला की याद में म्यूजिक नाइट का आयोजन किया जा रहा है। लता दी के नाम से मशहूर रहीं भारत रत्न गायिका के  फिजी में भी कई प्रशंसक हैं। इसकी वजह यह है कि यहां बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं। इन्हीं प्रशंसकों को देखते हुए भारतीय उच्चायोग स्थानीय सारेगामा इवेंट्स ग्रुप के साथ मिलकर लता मंगेशकर म्यूजिकल नाइट का आयोजन कर रहा है।

स्थानीय गायकों को मिलेगा प्रतिभा दिखाने का मौका

इस नाइट शो में स्थानीय युवाओं को अपनी गायन प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। सुवा में मौजूद भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद की इकाई ने फिजी वासियों को इस इवेंट में आने का न्योता दिया है। एक बयान में उसने  कहा, 'आप सभी का महान गायिका दिवंगत लता मंगेशकर की याद में आयोजित म्यूजिकल इवनिंग में हार्दिक स्वागत है। सारेगामा इवेंट्स ग्रुप के तत्वावधान में स्थानीय प्रतिभा को देखने आएं और उनका समर्थन करें।'

युवाओं को जोड़ने का प्रयास

लता मंगेशकर के गाने फिजी की युवाओं की जुबान पर चढ़े हुए हैं। युवाओं के उत्साह को देखते हुए भारतीय उच्चायोग ने इस म्यूजिकल नाइट के लिए राजधानी सुवा के एक कॉलेज का चुनाव किया है। आयोजन राजधानी सुवा के जय नारायण कॉलेज में 24 अप्रैल शाम 6 बजे से यह म्यूजिकल नाइट शुरू हो जाएगा। यहां एंट्री बिल्कुल फ्री है। वहीं, जो इवेंट का हिस्सा नहीं बन सकते उनके लिए खास इंतजाम किया गया है। वे रेडियो फिजी और एफबीसी टीवी के जरिए इस प्रोग्राम से जुड़ सकते हैं।