आखिर 82 प्रतिशत भारतीयों ने नौकरी बदलने का मन क्यों बना लिया?

शोध में इस बदलाव को 'ग्रेट री-शफल' कहा है जिसका मतलब कामकाजी पेशेवरों द्वारा बड़े पैमाने पर इस्तीफे देने से है। ऐसे नौकरीपेशा और पेशेवर की संख्या अप्रैल 2021 में विश्व स्तर पर दो-तिहाई थी। सर्वेक्षण से पता चलता है कि 30 फीसदी पेशेवर खराब कार्य-जीवन संतुलन के कारण अपनी वर्तमान नौकरी छोड़ रहे हैं।

आखिर 82 प्रतिशत भारतीयों ने नौकरी बदलने का मन क्यों बना लिया?
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जानी मानी ऑनलाइन नेटवर्किंग साइट लिंक्डइन ने हाल ही में खुलासा किया है कि इस साल 82 प्रतिशत भारतीय अपनी नौकरी बदलने पर विचार कर रहे हैं। उसके शोध में यह भी बात सामने आई है कि भारत में 86 फीसदी नौकरीपेशा आशावादी हैं जो मानते हैं कि इस साल वह नौकरी में खुद की भूमिका को बेहतर बना पाएंगे।

लिंक्डइन की यह शोध ऐसे वक्त में आई है जब भारत कोरोना महामारी की तीसरी लहर का सामना कर रहा है और दिसंबर में बेरोजगारी दर लगभग 8 फीसदी तक बढ़ गई है। नए नौकरी तलाशने वालों को लेकर शोध में उल्लेख किया गया है कि भारत में 1 वर्ष तक के कार्य अनुभव वाले 94 फीसदी हैं जो इस साल नौकरी बदलने पर विचार कर रहे हैं जबकि लंबे अरसे से अपने पेशे में काम कर रहे ऐसे पेशेवरों की संख्या 87 फीसदी है।