अलार्म: भारत में बड़ी संख्या में नौकरी छोड़ रही महिलाएं, क्या है वजह

रिपोर्ट बताती है कि 72 फीसदी कामकाजी महिलाएं ऐसी नौकरी छोड़ रही हैं जहां उन्हें लचीले ढंग से काम करने की अनुमति नहीं मिल रही है। वहीं, 70 फीसदी महिलाएं पहले ही नौकरी छोड़ रही हैं या छोड़ने पर विचार कर रही हैं। इस रिपोर्ट को सख्त रुख अपनाने वाली कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण अलार्म बताया जा रहा है।

अलार्म: भारत में बड़ी संख्या में नौकरी छोड़ रही महिलाएं, क्या है वजह

ऑनलाइन माध्यम से कर्मचारियों और नियोक्ताओं को जोड़ने वाली कंपनी लिंक्डइन (LinkedIn) के एक ताजा शोध में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। इस रिपोर्ट के अनुसार भारत में फ्लेक्सिबिलिटी (लचीलेपन) के लिए उचित नीतियों के अभाव, पक्षपात और वेतन में कटौती के चलते बड़ी संख्या में महिलाएं नौकरी छोड़ रही हैं या इस पर विचार कर रही हैं।

भारत में 2266 उत्तरदाताओं की प्रतिक्रिया पर आधारित इस रिपोर्ट में कार्यस्थलों पर उन चुनौतियों के बारे में जानकारी दी गई है, जिनका सामना महिलाओं को करना पड़ता है। इस शोध में सामने आया है कि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के बाद लगभग 83 फीसदी कामकाजी महिलाओं ने यह महसूस किया है कि वह अधिक लचीले तरीके से काम करना चाहती हैं।

72 फीसदी कामकाजी महिलाएं ऐसी नौकरी छोड़ रही हैं जहां उन्हें लचीले ढंग से काम करने की अनुमति नहीं मिल रही।

मंगलवार को जारी हुई यह रिपोर्ट बताती है कि 72 फीसदी कामकाजी महिलाएं ऐसी नौकरी छोड़ रही हैं, जहां उन्हें लचीले ढंग से काम करने की अनुमति नहीं मिल रही है। वहीं, 70 फीसदी महिलाएं पहले ही नौकरी छोड़ रही हैं या छोड़ने पर विचार कर रही हैं। इस रिपोर्ट को सख्त रुख अपनाने वाली कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण अलार्म की तरह बताया जा रहा है।

सर्वे में शामिल पांच में से लगभग दो महिलाओं ने कहा कि ऑफिस में फ्लेक्सिबिलिटी से हमारे कामकाज और निजी जीवन का संतुलन बेहतर रहता है। इससे हमें करियर में आगे बढ़ने में भी मदद मिलती है। वहीं, एक तिहाई महिलाओं का कहना है कि काम में लचीलापन मानसिक स्वास्थ्य को सुधारता है और इससे मौजूदा नौकरी में बने रहने की संभावना बढ़ जाती है।

लिंक्डइन की इंडिया टैलेंट एंड लर्निंग सॉल्यूशंस की वरिष्ठ निदेशक रुचि आनंद ने इस शोध को लेकर कहा कि यह कंपनियों और नियोक्ताओं को बताता है कि अगर वह अपनी शीर्ष प्रतिभाओं को खोना नहीं चाहते हैं तो उन्हें कामकाज में प्रभावी फ्लेक्सिबल नीतियां अपनानी होंगी। उन्होंने कहा कि महिला कर्मचारियों का यह रुख कंपनियों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।