कनाडा ने ऐसी कौन सी ढील दी कि इन राज्यों के 522 लोगों ने छोड़ा भारत!

रीजनल पासपोर्ट कार्यालय के अनुसार पांच वर्षों में पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ अधिक से अधिक लोग कनाडा जा रहे हैं। यह शायद इसलिए है क्योंकि कनाडा के स्थायी निवास वीजा (PR Visa) को प्राप्त करने में ढील दी गई है जिससे कनाडा जैसे विकसित देश में बसने का सपना आम लोग पूरा कर रहे हैं।

कनाडा ने ऐसी कौन सी ढील दी कि इन राज्यों के 522 लोगों ने छोड़ा भारत!

भारत से विदेश में जाकर बसने का सिलसिला जारी है। पिछले पांच साल के भीतर भारत के दो प्रमुख राज्य हरियाणा, पंजाब के अलावा केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ से 522 भारतीयों ने अपनी नागरिकता छोड़ी है और दूसरे देशों में जाकर बस गए हैं। चंडीगढ़ के सेक्टर 34 स्थित रीजनल पासपोर्ट कार्यालय (RPO) के आंकड़ों के अनुसार पिछले पांच वर्षों में चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा क्षेत्र के कुल 522 लोगों ने अपने पासपोर्ट सरेंडर किए हैं।

कोरोना महामारी की शुरुआत से पहले RPO ने साल 2019 में सबसे अधिक सरेंडर सर्टिफिकेट दर्ज किए हैं। 2019 में सरेंडर किए गए पासपोर्ट और समर्पण प्रमाणपत्र की कुल संख्या 162 थी। महामारी से प्रेरित प्रतिबंधों के बावजूद साल 2020 में भी 99 भारतीयों ने इन तीन राज्यों से पासपोर्ट सरेंडर किए हैं। साल 2021 की बात करें तो भारतीय नागरिकता छोड़ने की प्रवृत्ति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। 20 दिसंबर तक भारतीय नागरिकता छोड़ने के इच्छुक आवेदकों की संख्या 99 हो चुकी है। 2018 में यह संख्या 90 थी जबकि 2017 में आरपीओ ने केवल 70 सरेंडर सर्टिफिकेट जारी किए थे।