स्विस सरकार ने 50 भारतीय छात्रों के 27 देशों में प्रवेश पर किस वजह से लगाया प्रतिबंध

भारत के इस संस्थान में पढ़ने वाले छात्र ने अपनी शिकायत में बताया कि जर्मन भाषा में A1 स्तर की परीक्षा सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद संस्थान के प्रबंध निदेशक ने उन्हें एक प्रपोजल दिया था कि वह स्विट्जरलैंड के एक स्कूल में प्रवेश में उनकी मदद कर सकता है।

स्विस सरकार ने 50 भारतीय छात्रों के 27 देशों में प्रवेश पर किस वजह से लगाया प्रतिबंध
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स्विट्जरलैंड के स्विस स्कूलों में भर्ती होने के लिए जाली प्रवेश पत्र जमा करने के मामले में 50 भारतीय छात्रों पर स्विस सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। स्विस सरकार ने वीजा आवेदन के दौरान जाली प्रवेश पत्र जमा करने के बाद केरल राज्य के 50 भारतीय छात्रों पर किसी भी शेंगेन देश में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। शेंगेन एरिया में यूरोप के 27 देश आते हैं।

SchengenVisaInfo.com की रिपोर्ट के अनुसार स्विस सरकार ने इन छात्रों पर 21 अक्टूबर 2024 तक 27 देशों में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगाया है। इन सभी छात्रों ने कोच्चि स्थित एक भाषा संस्थान द्वारा दिया गया जाली दस्तावेज वीजा आवेदन के साथ जमा किया था। संस्थान का नाम "फारबे स्कूल ऑफ फॉरेन लैंग्वेजेज" था। इस संस्थान की ओर से बर्न स्थित बेनेडिक्ट स्कूल में प्रवेश करने के नाम पर छात्रों से एक लाख रुपये लिए गए थे। छात्रों को धोखाधड़ी के बारे में पिछले साल 22 अक्टूबर को पता चला था, जब उन्हें स्विस सरकार से एक पत्र मिला कि बर्न स्थित स्कूल का प्रवेश पत्र जाली है।