शाबास बच्चों: विश्व के शीर्ष 10 स्कूलों की सूची में भारत के पांच स्कूल शामिल

ब्रिटेन में पहली बार दिए जा रहे विश्व के सर्वश्रेष्ठ स्कूल पुरस्कारों की घोषणा गुरुवार को की गई। समाज की प्रगति के क्षेत्र में दिए गए योगदान के लिए ढाई लाख डॉलर के इन पुरस्कारों की घोषणा की गई है। इन स्कूलों में मुंबई का सीएनएम स्कूल व दिल्ली का एसडीएमसी प्राथमिक स्कूल शामिल है।

शाबास बच्चों: विश्व के शीर्ष 10 स्कूलों की सूची में भारत के पांच स्कूल शामिल
Photo by kyo azuma / Unsplash

विश्व के शीर्ष 10 स्कूलों की बात करें तो इस सूची में भारत के पांच स्कूलों को जगह मिली है। ब्रिटेन स्थित डिजिटल मीडिया मंच टी4 एजुकेशन ने विश्व के सर्वश्रेष्ठ स्कूल की सूची जारी की है। सूची में नई दिल्ली, मुंबई, पुणे के साथ ही कोलकाता के स्कूल भी शामिल हैं। अंतिम विजेताओं की घोषणा इस साल अक्टूबर में होगी। पांच विजेताओं के बीच ढाई लाख डॉलर की राशि बराबर बांटी जाएगी और प्रत्येक विजेता को 50 हजार डॉलर का पुरस्कार मिलेगा।

नई दिल्ली के लाजपत नगर-3 के एसडीएमसी प्राथमिक स्कूल को इनोवेशन की श्रेणी के शीर्ष 10 की सूची के लिए चयनित किया गया है। Representative Photo of SDMC School, Delhi

ब्रिटेन में पहली बार दिए जा रहे विश्व के सर्वश्रेष्ठ स्कूल पुरस्कारों की घोषणा गुरुवार को की गई। समाज की प्रगति के क्षेत्र में दिए गए योगदान के लिए ढाई लाख डॉलर के इन पुरस्कारों की घोषणा की गई है। इन स्कूलों में मुंबई स्थित एसकेवीएम के सीएनएम स्कूल और नई दिल्ली के लाजपत नगर-3 के एसडीएमसी प्राथमिक स्कूल को इनोवेशन की श्रेणी के शीर्ष 10 की सूची के लिए चयनित किया गया है।

सामुदायिक सहयोग की श्रेणी के शीर्ष 10 की सूची में मुंबई के खोज स्कूल और पुणे के बोपखेल में स्थित पीसीएमसी इंग्लिश मीडियम स्कूल को शामिल किया गया है। हावड़ा के समारितन मिशन स्कूल (हाई) को विश्व के सर्वश्रेष्ठ स्कूलों की सूची में आपदाओं पर विजय पाने की श्रेणी की सूची में जगह मिली है।

टी4 एजुकेशन पुरस्कार के संस्थापक विकास पोटा ने कहा कि कोविड के कारण स्कूल और विश्वविद्यालयों के बंद होने से डेढ़ अरब से ज्यादा छात्र प्रभावित हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र ने महामारी से पहले ही चेतावनी दी थी कि वैश्विक शिक्षा संकट गहरा सकता है क्योंकि 2030 तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने में पहले से ही विलंब हो रहा था। उन्होंने कहा कि हमने व्यवस्थागत बदलाव लाने के उद्देश्य से जमीनी स्तर पर समाधान निकालने के लिए पुरस्कारों की शुरुआत की है। छात्रों के जीवन में परिवर्तन लाने और प्रेरणा देने वाले स्कूलों की कहानी बताकर शिक्षा में बदलाव लाया जा सकता है।