5 भारतीय-अमेरिकी शोधकर्ता प्रतिष्ठित फैलोशिप के लिए चुने गए, मिलेंगे लाखों रुपये

इस फेलोशिप के तहत हरेक वैज्ञानिक को दो साल के लिए 56,30,662 रुपये दिए गए हैं। विजेता वैज्ञानिक इस राशि का उपयोग अपने अनुसंधान को आगे बढ़ाने के तौर पर करेंगे।

5 भारतीय-अमेरिकी शोधकर्ता प्रतिष्ठित फैलोशिप के लिए चुने गए, मिलेंगे लाखों रुपये

विदेशों में भारतीयों का जलवा हमेशा से रहा है। चाहे वो डॉक्टर हों, इंजीनियर हों या कोई शोधकर्ता। दुनियाभर में भारतीयों ने अपनी पहचान अपने हुनर के आधार पर बनाई है। जहां भी मौका मिला भारतीयों ने अपनी प्रतिभा को साबित किया है। यही कारण है कि भारतीयों के ज्ञान का लोहा आज पूरी दुनिया मानती है। इस साल अमेरिका के प्रतिष्ठित स्लोन रिसर्च फेलोशिप के लिए 118 शोधकर्ताओं को चुना गया है। इनमें 5 भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक शामिल हैं। इनमें से हरेक को अपने अनुसंधान को आगे बढ़ाने के लिए 56,30,662 रुपये की राशि दी गई है। रिसर्च फाउंडेशन ने 15 फरवरी को इसकी घोषणा की।

इस फेलोशिप के लिए भारतीय मूल के जिन अमेरिकी वैज्ञानिकों को चुना गया है उनमें दीप जरीवाला भी शामिल हैं। दीप पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के सहायक प्रोफेसर हैं। इसके अलावा मैरीलैंड विश्वविद्यालय में रसायन शास्त्र और जैव रसायन के सहायक प्रोफेसर प्रत्यूष  तिवारी को भी चुना गया है। वहीं, जब भारतीय वैज्ञानिक प्रतिभा की बात हो और कंप्यूटर विज्ञान का नाम नहीं आए, ऐसा नहीं हो सकता है। प्रवेश कोठारी कार्नेगी मेलॉन विश्वविद्यालय में कंप्यूटर साइंस के सहायक प्रोफेसर हैं। उन्हें भी फेलोशिप के लिए चुना गया है। इसके साथ ही फेलोशिप पानी वाली अपर्णा भादुड़ी कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में जैव रसायन की प्रोफेसर हैं। इसके अलावा प्रेरणा श्रेष्ठ को भी वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए सम्मानित किया गया है। प्रेरणा अमेरिका स्थित स्टोनी ब्रूक विश्वविद्यालय में न्यूरोबाइलॉजी की सहायक प्रोफेसर हैं।