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अमेरिकी समाज में भारत की तस्वीर बयां करते हैं 44 लाख डायस्पोरा: जयशंकर

जयशंकर ने कहा, 'हार्वर्ड यूनिवर्सिटी केवल साझा इतिहास का हिस्सा नहीं है। यह उस भविष्य का भी हिस्सा है जो हमारा इंतजार कर रहा है।' उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारत व अमेरिका की मजबूत भागीदारी अहम भूमिका निभाएगी।

भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने पिछले दो दशकों में भारत और अमेरिका के बीच संबंधों में आई मजबूती का उल्लेख करते हुए कहा है कि इस बदलाव में मानवीय तत्व की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसमें 44 लाख भारतीय डायस्पोरा शामिल है जो अमेरिकी समाज में भारत की तस्वीर पेश करता है।

ब्लिंकन और जयशंकर ने भारतीय छात्रों, विद्वानों और उन लोगों से बात की जो अमेरिका में काम कर रहे हैं।

जयशंकर ने यह बात मंगलवार को हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में भारत अमेरिका शिक्षा भागीदारी के लिए आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही थी। उनके साथ अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन भी यहां मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय के छात्रों, फैकल्टी और प्रशासन के साथ बातचीत की।

ब्लिंकन और जयशंकर ने भारतीय छात्रों, विद्वानों और उन लोगों से बात की जो अमेरिका में काम कर रहे हैं। इसके अलावा ऐसे अमेरिकी विद्वान और शोधार्थी भी इस वार्ता में शामिल हुए जिन्होंने किसी भारतीय उच्च शिक्षण संस्थान में काम या शोध किया है। इस दौरान शिक्षा को आसान बनाने पर विचार-विमर्श हुआ।

जयशंकर ने कहा, 'हार्वर्ड यूनिवर्सिटी केवल साझा इतिहास का हिस्सा नहीं है। यह उस भविष्य का भी हिस्सा है जो हमारा इंतजार कर रहा है।' उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारत व अमेरिका की मजबूत भागीदारी अहम भूमिका निभाएगी। दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों का वजन दुनिया महसूस कर रही है।

जयशंकर ने कहा कि आने वाले समय में भारत व अमेरिका की मजबूत भागीदारी अहम भूमिका निभाएगी। 

भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को और बेहतर करने तरीकों को लेकर जयशंकर ने कहा कि यह बहुत जरूरी है कि युवा अमेरिकियों के दिमाग में भारत और दुनिया को लेकर बेहतर समझ होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों देश शिक्षा के साथ अन्य प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर काम कर रहे हैं।

इससे पहले सोमवार को मंत्री जयशंकर और भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने अमेरिकी समकक्षों के साथ 'टू प्लस टू' आपसी संबंधों पर विचार-विमर्श और समीक्षा करने के लिए मंत्रिस्तरीय बैठक की थी। बैठक में अमेरिका का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री ब्लिंकन और रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने किया था।

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