विदेशी पर्यटकों- आओ भारत देस... लेकिन 'पारस्परिक उपचार' लागू होगा!

भारत पर्यटकों के लिए पारस्परिक व्यवहार की नीति अपनाएगा। किस देश में भारतीय पर्यटकों के साथ किस तरह का व्यवहार हो रहा है यह देखते हुए भारत में भी उस देश के पर्यटक के सा​थ वैसे ही नियम लागू किए जाएंगे।

विदेशी पर्यटकों- आओ भारत देस...  लेकिन 'पारस्परिक उपचार' लागू होगा!
Photo by Sylwia Bartyzel / Unsplash

भारत में कोरोना के मामलों में गिरावट के बीच भारत सरकार विदेशी पर्यटकों के लिए भारत के दरवाजे 15 अक्टूबर से खोलने जा रही है। ​लेकिन ब्रिटेन के रवैये को देखते हुए भारत ने इस बार टिट फॉर टैट यानी जैसे को तैसा का विकल्प चुनने का मन बनाया है। वैसे इस विकल्प को 'पारस्परिक उपचार' का नाम दिया जा रहा है जिसका मतलब है कि विदेशी पर्यटक का वीजा उसके देश के भारतीय पर्यटकों के प्रति नीति पर निर्भर करेगा।

भारत सरकार के गृह मंत्रालय के एक सीनियर अधिकारी के अनुसार वर्तमान यात्रा की स्थिति से उत्पन्न होने वाले सभी तनावों और मुद्दों को कम करने के लिए हाल ही में एक बैठक आयोजित की गई थी, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय गृह सचिव ने की थी और इसमें सभी संबंधित एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया था।