115 देशों व 7 महाद्वीपों का पवित्र जल राम मंदिर में अर्पण के लिए पहुंचा भारत

स्कॉटलैंड से प्रथम जल प्रेषक आशीष ब्रहमभट्ट व ताजिकिस्तान से दूसरे महानुभाव भारतीय मूल के ताज मोहम्मद रहे।

115 देशों व 7 महाद्वीपों का पवित्र जल राम मंदिर में अर्पण के लिए पहुंचा भारत

विश्वभर के 115 देशों व 7 महाद्वीपों का पवित्र जल अयोध्या राम मंदिर में अर्पण के लिए भारत पहुंचा है। हरिद्वार में हर की पौड़ी में प्रत्येक देश के जल को तांबे के लोटे में पैक व सील किया गया। इसके बाद प्रत्येक राष्ट्र के नाम व ध्वज का रंगीन स्टीकर चिपकाकर व भगवा रिबन लगाकर सजाया गया। अब वैश्विक नदियों व समुद्रों का जल अयोध्या राम मंदिर में अर्पित किया जायेगा।

प्रत्येक देश के जल को उसके नाम के साथ तांबे के लोटे में पैक व सील किया गया।

दिल्ली की विधानसभा में पूर्व भाजपा विधायक व दिल्ली स्टडी ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. विजय जौली ने इस महान व वैश्विक अभियान का शुभारम्भ एक वर्ष पूर्व किया था।

इस महाअभियान के प्रेरणा स्रोत वयोवृद्ध भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष दिवंगत अशोक सिंघल व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रहे, जिन्होंने 5 अगस्त 2020 को अयोध्या राम मंदिर की नींव रखी थी। दृढ़ इच्छा शक्ति व राम भक्ति में अटूट विश्वास के चलते, कोरोना महामारी भी, डॉ. जौली के संकल्प को पूरा होने से नहीं रोक पाई।

जौली ने कहा कि भगवान राम के आशीर्वाद से कोरोना काल में भी हम अपने ऐतिहासिक महाअभियान में सफल हुए।

डॉ. जौली ने नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि जब लोग कोरोना काल में एक देश से दूसरे देश की यात्रा भी नहीं कर सकते थे। तब भगवान राम के आशीर्वाद से हम अपने ऐतिहासिक महाअभियान में सफल हुए।

संवाददाता सम्मेलन में ताजिकिस्तान से आए भारतीय मूल के ताज मोहम्मद व विजय जौली।

डॉ. जौली के अनुसार यह सिद्ध हो गया है कि मर्यादा पुरूषोत्तम प्रभु श्रीराम में न केवल अयोध्या के लोगों का विश्वास था अपितु आधुनिक युग में भी उनके आदर्शों के दुनिया भर में करोड़ों अनुयायी हैं।

डॉ. जौली ने जानकारी दी कि कैसे भारत तक पहुंचा अनेक देशों का पवित्र जल। 

स्कॉटलैंड से प्रथम जल प्रेषक आशीष ब्रहमभट्ट व ताजिकिस्तान से दूसरे महानुभाव भारतीय मूल के ताज मोहम्मद रहे। विश्व भर से राम भक्तों द्वारा भर कर भेजे गए जल की वीडियो फिल्म दिखाई गई। जिसे दिल्ली स्टडी ग्रुप सोशल मीडिया संयोजक शालू कुमारी ने मेहनत से संकलित किया।

विजय जौली और आशीष ब्रह्मभट्ट संवाददाता सम्मेलन के दौरान।

राम मंदिर के गर्भगृह में अर्पण के लिए प्राप्त जल मुख्यतः ऑस्ट्रेलिया, अफगानिस्तान, भूटान, बांग्लादेश, कनाडा, चीन, कंबोडिया, क्यूबा, उत्तरी कोरिया, फिजी, फ्रांस, जर्मनी, गुयाना, हांगकांग, इटली, इंडोनेशिया, आयरलैण्ड, इजराइल, आइसलैंड, भारत, जापान, केन्या, लाइबेरिया, मलेशिया, मकाऊ, मॉरीशस, मोंटेनेग्रो, म्यांमार, मंगोलिया, मोरक्को, मालदीव, न्यूजीलैंड, नाइजीरिया, नेपाल, नॉर्वे, ओमान, पाकिस्तान, पपुआ न्यू गिनी, रूस, रोमानिया, दक्षिण कोरिया, श्रीलंका, सऊदी अरब, सूरीनाम, दक्षिण अफ्रीका, ताजिकिस्तान, थाईलैंड, तिब्बत, ताइवान, त्रिनिदाद और टोबैगो, संयुक्त अरब अमीरात, यूनाइटेड किंगडम, अमेरिका, यूक्रेन, उज्बेकिस्तान, युगांडा, वियतनाम व जिम्बाब्वे इत्यादि 115 देशों में से प्रमुख रहे।

विदेशों में भारतीयों के दुख-दर्द को भी साझा किया गया। 

डॉ. जौली ने बताया कि अब इसके बाद में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा उनके आवास 17 अशोक रोड, नई दिल्ली पर धार्मिक पूजा संपन्न होगी। तथा उसके उपरांत अयोध्या में जाकर राम मंदिर के गर्भ गृह में जल कलशों को अर्पित किया जायेगा।

सभी फोटाे व वीडियो: राजीव भट्ट