UK: भारतीय महिलाओं ने रचा इतिहास, महारानी के कार्यक्रम में पहनी साड़ी

इस बार कोलकाता की रहने वाली ब्रिटेन की डॉक्टर दीप्ति जैन ने महिलाओं को अपनी राष्ट्रीय विरासत पर अपना गौरव दिखाने और भारतीय बुनकरों की कृतियों का जश्न मनाने के लिए साड़ी पहनने का विचार दिया। इन महिलाओं में अधिकांश ब्रिटेन से ही थीं जबकि कुछ भारत सहित अन्य देशों से आई थीं।

UK: भारतीय महिलाओं ने रचा इतिहास, महारानी के कार्यक्रम में पहनी साड़ी

ब्रिटेन के रॉयल एस्कॉट में महिला दिवस के मौके पर भारतीय मूल की महिलाओं ने इतिहास रच दिया। महिला दिवस के मौके पर उपस्थित रहीं करीब 1000 से अधिक भारतीय महिलाओं ने दरअसल साड़ी पहनी हुई थी। इनमें कुछ ऐसी थीं जिन्होंने पश्चिम बंगाल की कारीगर रूपा खातून की बनीं साड़ी पहनी हुई थी जबकि हैरानी की बात यह है कि रूपा ने महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के बारे में कभी नहीं सुना।

आमतौर पर रॉयल एस्कॉट में शामिल होने वाले पुरुष मार्निंग सूट और टोपी लगाकर आते हैं तो महिलाएं स्ट्राइकिंग टोपी पहनकर आती हैं।

आमतौर पर रॉयल एस्कॉट में शामिल होने वाले पुरुष मार्निंग सूट और टोपी लगाकर आते हैं, वहीं महिलाएं स्ट्राइकिंग टोपी पहनकर आती हैं। लेकिन इस बार कोलकाता की रहने वाली ब्रिटेन की डॉक्टर दीप्ति जैन ने महिलाओं को अपनी राष्ट्रीय विरासत पर अपना गौरव दिखाने और भारतीय बुनकरों की कृतियों का जश्न मनाने के लिए साड़ी पहनने का विचार दिया। इन महिलाओं में अधिकांश ब्रिटेन से ही थीं जबकि कुछ भारत सहित अन्य देशों से आई थीं।

एक भारतीय समाचारपत्र को रूपा ने कहा कि मैंने कभी भी साड़ी बनाने का कोई औपचारिक प्रशिक्षण नहीं लिया है। मैंने अभी-अभी गांव की अन्य महिलाओं और अपनी मां और दादी से सीखा है। मुझे सच में गर्व है। मैं पहले महारानी, ​​लंदन या बिग बेन के बारे में नहीं जानती थी। खातून ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं कि मुझे पहचान मिल रही है। अभी तक मैं अपनी साड़ियां बाजार को बेचने वाले बिचौलिए को देती हूं। कोई हमें पहचान नहीं देता। मुझे वास्तव में इस साड़ी पर गर्व है। इसे इतनी बड़ी सराहना मिली है।

बता दें कि रूपा खातून का गांव कांथा कढ़ाई के लिए प्रसिद्ध है। रूपा ने बताया कि यह मेरी अब तक की सबसे कठिन साड़ी है। मुझे पारंपरिक प्रिंट की आदत है। अन्य महिलाओं की मदद से इसे बनाने में उन्हें चार महीने लगे। सबसे कठिन हिस्सा रानी के चेहरे को बिल्कुल सही बनाना था।

पता चला है कि यूके में भारतीय कारीगरी को बढ़ावा देने वाली तनिमा पॉल ने साड़ी डिजाइन की थी और बिग बेन और रानी की Google छवियों को व्हाट्सएप पर एस के नूरुल होडा को भेजा था, जो उसी गांव में रहते हैं जहां खातून रहती हैं। होडा ने माल खरीदा और कपड़ों पर स्केच किया जबकि खातून ने साड़ी बनाई। जैसे ही साड़ी लगभग समाप्त हो गई पॉल ने देखा कि लंदन को लैंडन लिखा गया था। खातून ने इसे ठीक किया। खातून ने एक यूनियन जैक और रानी के चेहरे के साथ एक रेशम की स्टोल भी बनाई थी जिसे भारतीय महिलाओं का ग्रुप महारानी को उपहार में देने की योजना बना रहा है।